Farmer Transformer Subsidy: यदि आपके खेत में डीपी या खम्भा है तो सरकार दे रही है 5 से 10 हजार रुपए, जाने पूरी डिटेल से

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Farmer Transformer Subsidy– आज के इस आर्टिकल में आपका स्वागत है। हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से खेत में डीपी या खंभा होने पर उन पर 5 से 10 हजार तक प्राप्त करने के तरीके के बारे में बताने वाले है।

यदि आप एक किसान हो और आपके खेत के अंदर सरकारी डीपी या खंभा हे तो आप मुआवजे की रकम आसानी से उठा सकते हो। बहुत सारे किसानों को इस बारे में कोई जानकारी नही होती है। आज हम आपको इस बारे में पूरे विस्तृत से बताने वाले है।

सरकार किसानों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओ का संचालन करती है। आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को इन योजनाओं से लाभ प्रदान किया जाता है। किसानों को उनके हक का पूरा पूरा फायदा मिलना चाहिए। हर प्रकार की योजनाओ से परिचित होने चाहिए।

आप एक भारतीय किसान है और आप के खेत के अंदर सरकारी डीपी या खंभा है तो आप विद्युत अधिनियम के तहत 2003 की धारा के तहत लाभ ले सकते हो। आइये जानते है इसके बारे में विस्तारपूर्वक। आप हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से अंत तक जरूर जुड़े रहे।

MSEB Farmers Transformers Subsidy

लिखित आवेदन की तारीख से 30 दिनों की भीतर किसान को कनेक्शन प्राप्त होना चाहिए। यदि ऐसा नही होता है तो कानून यह कहता है कि किसानों को प्रति सप्ताह 100 रुपए मुआवजा दिया जाए

अब यदि ट्रांसफॉर्मर में कोई फॉल्ट हे तो कम्पनी 48 घण्टे के अंदर ट्रांसफॉर्मर काम करके देगी। अगर नही मिलता है तो सरकार इस एक्ट के तहत 50 रुपए की अनुशंसा करती है।

विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 57 एवं अनुसूची क्रमांक 30(1) दिनांक 07/06/2005 के अनुसार विद्युत कृषकों को कंपनी के मीटर (MSEB) पर निर्भर रहने के स्थान पर अपना स्वयं का स्वतंत्र मीटर (MSEB) लगाने का अधिकार दिया जाया था।

ग्राहक नियम और शर्तों में शर्त संख्या 21 यह बताती है की कम्पनी मीटर और घर के बीच केबल की लागत भी वहन करती है।

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यदि इसके बाद आपको नया कनेक्शन लेना हो यानी की नया घरेलू कनेक्शन लेना हो 1500 रुपए और इसी के साथ कृषि पम्प के लिए पाँच हजार रुपए पोल और अन्य खर्चे भी कम्पनी इस कानून के मुताबिक करती है। डीपी और पोल मिलकर किसानों को 2000 ₹ से 5000₹ तक बिजली दी जाती है।

अगर गेर दूसरी कम्पनी कोई बिजली को एक खेत से दूसरे खेत में पहुंचाना चाहती है तो उसे स्टेशनों ट्रांसफॉर्मर डीपी और खंभों को भी जोड़ना होगा

कंपनी किसानों (MSEB) के साथ जमीन का किराया समझौता करती है और उसके तहत किसानों को दो से पांच हजार रुपये मिलते हैं अगर आप बिजली कंपनी को अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी NOC सर्टिफिकेट दिया है तो आप उस कंपनी से किराया नहीं वसूल सकते है।

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